एटीएस की बड़ी कार्रवाई: आईएसआईएस संदिग्ध हारिस अली 5 दिन की पुलिस रिमांड पर, आतंकी साजिशों का खुलेगा राज

एटीएस की बड़ी कार्रवाई: आईएसआईएस संदिग्ध हारिस अली 5 दिन की पुलिस रिमांड पर, आतंकी साजिशों का खुलेगा राज

ISIS Suspect Haris Ali Sent to 5-Day Police Remand

ISIS Suspect Haris Ali Sent to 5-Day Police Remand

लखनऊ। ISIS Suspect Haris Ali Sent to 5-Day Police Remand, आंतकी संगठन आईएसआएस की विचारधारा से प्रभावित होकर इंटरनेट मीडिया के माध्यम से प्रचार प्रसार करके देश के अन्य लोगों को इस संगठन में जोड़कर आतंकी घटना को अंजाम देने के फिराक के आरोपी हारिस अली की पांच दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड एटीएस मामलों के विशेष न्यायाधीश जैनेन्द्र कुमार पांडे ने स्वीकृत कर दी है।एटीएस के अधिकारी आरोपी से 24 मार्च सुबह 10 बजे से 28 मार्च 2026 को शाम छह बजे तक पूछताछ कर सकेंगे।

एटीएस के लोकअभियोजक/संयुक्त निदेशक (अभियोजन) नागेंद्र गोस्वामी ने न्यायालय को बताया कि अभियुक्त हारिस अली पुत्र रियासत अली सहारनपुर के थाना कुतुबशेर के मुहल्ला मानकमऊ का रहने वाला है। हाल में मुरादाबाद के कोठीवाल डेंटल कालेज काठ रोड से डेंटल की पढ़ाई कर रहा था। जानकारी मिली कि आरोपी आइएसआइएस की विचारधारा से प्रभावित होकर अन्य व्यक्तियों को भी इंटरनेट मीडिया के माध्यम से जोड़कर भारत में कहीं बड़ी आतंकी घटना कारित करने की फिराक में है। गिरफ्तारी के समय अभियुक्त के कब्जे से एक मोबाइल फोन, आइपैड व पेन ड्राइव बरामद हुए हैं।

जिसके संबंध में गहनता से पूछताछ करना आवश्यक है। साथ ही आरोपी के बैंक खाते से हुए संदिग्ध लेन-देन के विषय में भी विस्तार से पूछताछ किए जाने की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त आरोपी ने जिन व्यक्तियों को आइएसआइएस की विचारधारा से जोड़ा अथवा जोड़ने का प्रयास किया है, उन व्यक्तियों के बारे में भी जानकारी करने तथा आरोपी के अन्य साथियों के बारे में जानकारी करने के लिए पुलिस कस्टडी डिमांड लिया जाना आवश्यक है।

न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पीसीआर अर्जी को स्वीकार कर अभियुक्त को रिमांड पर भेजने का आदेश जारी कर दिया। न्यायालय ने विवेचक को निर्देशित किया कि अभियुक्त को जेल से पुलिस कस्टडी में लेने से पूर्व तथा पुलिस कस्टडी के उपरांत जेल दाखिला के समय उसका संपूर्ण चिकित्सा परीक्षण कराया जाए। साथ ही पीसीआर के दौरान अभियुक्त को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित न किया जाए।